‘चिड़ियाघर’ को दर्शकों ने बेपनाह मोहब्बत दी : अनिल दुबे

( धर्मेन्द्र साहू )

मुम्बई । फिल्म इंडस्ट्री में अपनी सफलता के झंडे गाड़ चुके निर्देशक अनिल दुबे का टीवी शो ‘ चिड़िया घर ‘ सफलता के मुकाम पर जा पहुँचा है। शिक्षा और परंपराओं से जुड़े इस शो को 6 साल पूरे हो गए हैं और आगामी 2 अक्टूबर को इसका अंतिम एपिसोड प्रसारित होगा। ‘चिड़ियाघर’ के निर्देशक अनिल दुबे कहते हैं कि इस शो को दर्शकों की बेपनाह मोहब्बत मिली।
 मध्यप्रदेश के सागर के रहने वाले और वर्तमान में भोपाल निवासी  निर्देशक अनिल दुबे ने 1987 में थिएटर से अपने कैरियर की शुरुआत की थी । उन्होंने बताया कि मशहूर फिल्म ‘ बैंडिड क्वीन’ में उन्हें एक्टिंग करने बुलाया गया था लेकिन शेखर जी से आग्रह किया कि मैं एक्टिंग के बजाय निर्देशन से जुड़ूंगा । बैंडिट क्वीन के बाद 1995 में टीवी सीरियल ‘ ज़माना बदल गया ‘  में चीफ असिस्टेंट डायरेक्टर की जिम्मेवारी इन्होंने निभाई । उन्होंने कहा कि ‘चिड़ियाघर’ नए कांसेप्ट पर आधारित सीरियल है। कॉमेडी के बीच मुहावरों एवं कहावतों पर स्टोरीज बनायी गयी जिसमे दर्शकों की रूचि का भी ख्याल रखा गया। उन्होंने बताया कि इस शो में बाबूजी को परिवार के मुखिया के रूप में पेश किया गया जो हमारी भारतीय संस्कृति की परंपरा भी रही है। उन्होंने कहा कि लोग सीरियल हिट करने के लिए अश्लीलता और फूहड़ता का सहारा लेते हैं लेकिन चिड़िया घर सीरियल पूरी तरह से पारिवारिक शो साबित हुआ। बचपन में सीखे मुहावरे और कहावतों के गूढ़ अर्थ इसके जरिये जानने को मिले।
अनिल दुबे ने भावुक होते हुए बताया कि 6 साल के लंबे अंतराल के बाद आगामी 2 अक्टूबर को अब चिड़िया घर का अंतिम एपिसोड प्रस्तुत किया जायेगा। उन्होंने बताया कि चिड़िया घर एक परिवार बन गया था जिसमे सब एक दूसरे के सुख -दुख के साथी रहे। शो करने के दौरान जब कभी कोई कठिन परिस्थिति खड़ी हो गयी तो सब ने उसका मिलकर समाधान निकाला और शो को कहीं से कमज़ोर नही होंने दिया । उन्होंने कहा कि प्रयास किया जायेगा की चिड़िया घर का सीजन 2 भी शुरू हो और फिर सब मिलकर काम करें।
अनिल दुबे ने बताया कि  उनकी एक फिल्म ‘ जियो बच्चो’ शीघ्र ही रिलीज़ होने वाली है ।जिसकी अधिकाँश शूटिंग दिल्ली में हुई है। दर्शकों की नब्ज को जानने वाले अनिल दुबे पिछले 30 साल से इस इंडस्ट्री में हैं और अपने निर्देशन के माध्यम से पर्दे पर ऐसा शो प्रस्तुत करते हैं कि दर्शक का उससे अनोखा नाता हो जाता है।
इंडस्ट्री में आने वाले नए कलाकारों के लिए अनिल दुबे कहते हैं कि यहाँ आएं और ईमानदारी से प्रयास करते रहें तो सफलता भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि लोग इस उद्देश्य से आते है कि उन्हें सीधे लीड रोल मिल जाये। लेकिन मेरा मानना है कि किसी भी काम को छोटा न समझे। छोटा काम भी उत्साह के साथ करना चाहिए क्योंकि पहली सीढ़ी चढ़ने से ही मंजिल की ओर बढ़ा जाता है। उन्होंने कहा कि चिड़िया घर को दर्शकों ने बेपनाह मोहब्बत दी । इसके लिए वे शुक्रगुज़ार है।
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