शिल्प मेला के आयोजन मे बड़ा झोल, अपने खास को बिना टेण्डर के दुकानें आंवटित करने का आरोप

झांसी। प्रदेश की भाजपा सरकार को पलीता लगाने में अधिकारी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मामला है झांसी का जहां नुमाईश ग्राउण्ड में 16 सितम्बर को उदघाटित हुये शिल्प मेला में बड़ा झोल सामने आया है। यहां बिना कोई अल्पकालीन टेंडर के सैकडों स्टॉल, साईकिल स्टेंड और झूलों के ठेके एक व्यक्ति विशेष को दे दिये गये हैं। राज्यसभा सांसद डॉ. चन्द्रपाल सिंह यादव ने इस मामले को गंभीर मानते हुये इसे भ्रष्टाचार करार दिया है वही इस मामले की शिकायत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने उच्चाधिकारियों समेत प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी की है।
दरअसल उद्योग विभाग झांसी द्वारा नुमाईश ग्राउण्ड में शिल्पमेला का आयोजन किया गया है। हालांकि इस आयोजन से शिल्पियों के साथ ही जिले के लोगों को क्रय-विक्रय का मौका मिलेगा लेकिन तानाशाह अधिकारियों में इसमें भी गड़बड़ी कर अपने मंसूबे पूरे कर लिये।  15 दिन तक चलने वाले इस मेले में हस्तशिल्पियों को लगभग 200 दुकानें उद्योग विभाग ने स्वयं आवंटित की हैं जबकि 200 से अधिक अन्य दुकानें अपने खास एक व्यापारी को बिना अल्पकालीन टेंडर के दे दी गई हैं । अब वो व्यापारी मनमानी कीमत पर उक्त दुकानें यहां के फुटकर और छोटे दुकानदारों को किराये पर दे रहा है। इसमें वे दुकानदार हैं जो मेले जैसे आयोजनों में खान-पान, खिलौनों व कपडों़ आदि के स्टॉल लगाते हैं। अब उन्हें अधिक कीमत पर ये स्टॉल लेने पड़ रहे हैं।
इस मामले में उद्योग विभाग के कुछ अधिकारियों की मंशा जगजाहिर हो गई है। होना तो ये चाहिये था कि दुकानों के स्टॉल, वाहन की पार्किंग और झूला आदि मनोरंजन के साधनों को लगाने के लिये अल्पकालीन निविदा आमंत्रित की जाती लेकिन मनमानी के चलते उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने अपने खास आदमी को ये सारा कार्य सौंप दिया। जबकि इसके पहले प्रशासन द्वारा कराये जाने वाले झांसी महोत्सव जैसे आयोजन में बाकायदा अल्पकालीन निविदायें आमंत्रित की जाती थीं।
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ.चन्द्रपाल सिंह यादव ने कहाहै कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में अधिकारी भ्रष्टाचार में आकंठ डूब गये हैं। इस तरह के स्वस्थ्य आयोजन को पारदर्शी तरीके से आयोजित होना चाहिये था जबकि इसमें अधिकारियों ने मनमानी करके यहां के लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया ह ै इस आयोजन को जरिये जनता को छलकर अधिकारी अपने पेट भर रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को ऐसे भ्रष्ट अफसरों की जांच कराके कठोर कार्यवाही करनी चाहिये। वहीं बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने कहा कि अधिकारी बुंदेलखंड में निरंकुश होकर कार्य कर रहे हैं । लाखों रूपये में मेले के स्टॉल बिना कोई टेंडर के आवंटित करना भ्रष्टाचार को दर्शाता है। उन्होंने उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री से मामले में कार्यवाही करने के लिये पत्र लिखा है।
इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास कॉर्पोरेशन लि. के प्रबंध निदेशक रणवीर प्रसाद का कहना है कि मामले को संज्ञान में लिया गया है और शीघ्र जांच कराके कार्यवाही की जायेगी।
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