क़िस्मत और मेहनत का कॉम्बिनेशन जरुरी : समीक्षा गौर

( धर्मेन्द्र साहू )
मुम्बई। कई  टेलीविज़न शो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली समीक्षा गौर का कहना है किस्मत और मेहनत के कॉम्बिनेशन से सफलता मिलती है हालांकि फ़िल्म इंडस्ट्री का मतलब नसीब ज़्यादा होता है ।
उत्तर प्रदेश के कासगंज में रहने वाले सुबोध कुमार शर्मा की पुत्री  समीक्षा बचपन से ही रचनात्मक प्रतिभा की धनी रही हैं। बचपन में क्लासिकल डांस के ज़रिये इन्होंने स्कूल और कॉलेज में अपनी अलग पहचान बनाई थी। रामोजी फ़िल्म सिटी, हैदराबद में ‘कार्निवाल फेस्टिवल’ के लिए ये कोरियोग्राफर के रूप में चुनी गई। स्टार प्लस पर प्रसारित ‘निशा और उसके कसिन्स’ में भी अच्छा रोल समीक्षा ने किया है। इसके साथ ही डी डी नेशनल पर प्रसारित सीरियल ‘लक्ष्मी’ में इन्होंने लीड रोल किया है। समीक्षा ने ओप्पो मोबाइल के डिजिटल विज्ञापन में  अभिनय किया है। गुजराती फ़िल्म ‘मौज मस्ती’ और हिंदी फिल्म ‘चल भाग’ में भी समीक्षा ने महत्वपूर्ण किरदार निभाए हैं।
नियमित रूप से मेडीटेशन करने वाली समीक्षा कहती हैं कि ध्यान  से उन्हें ऊर्जा मिलती है जिसका उपयोग सकारात्मक कार्यो में करती हूँ। उन्होंने कहा कि किस्मत और मेहनत का कॉम्बिनेशन हो तो सफलता जल्दी मिलती है। फिलहाल उनका लक्ष्य टेलीविज़न में अच्छे से अच्छे प्रोजेक्ट करने का है लेकिन आने वाले समय में वे अच्छी फिल्में करेंगी। उनका कहना है कि उनके माता पिता ने उन्हें काफी सपोर्ट किया है तभी वे मुम्बई में कई बड़े शोज कर पायीं।
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