थियेटर ने अभिनेत्री बनने की ललक जगाई : हिमा सिंह

  • प्रवीन चन्द्रा
    मुम्बई। फिल्म एवं टीवी कलाकार हिमा सिंह का कहना है कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के एक प्ले ने उन पर इतना प्रभाव डाला कि मन में ठान लिया कि अब तो अभिनय ही करना है। कई सीरियल व फिल्मों में अभिनय कर चुकीं हिमा सिंह मानती हैं कि आत्मविश्वास हो तो लक्ष्य हासिल हो ही जाता है।
    लखनऊ की रहने वालीं हिमा सिंह जब हाईस्कूल में थीं तब एनएसडी का शो ‘जानेमन’ प्ले हुआ था। इस शो के रंगमंच ने हिमा को काफी प्रभावित किया था। नतीजतन उन्होंने ठान लिया था कि वे भी अब अभिनय की दुनिया में जायेंगी। पढ़ाई में भी हिमा अब्बल रहीं और लगातर अपने कॉलेज में तीन साल फर्स्ट आईं। हिमा लखनऊ के जोश थियेटर ग्रुप से जुड़ीं और कई प्ले किये।
    ग्रेजुएशन करने के बाद हिमा का चयन फिल्म एण्ड टेलीविजन इंस्टीटयूट पुणे में हो गया। खास बात ये रही कि हिमा एफटीआई में भी टॉपर रहीं । यहां उन्हें जया बच्चन स्कॉलरशिप मिली। एफटीआई में अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों का अच्छा अनुभव हिमा को मिला। हिमा ने बताया कि एफटीआई में कला और कलाकार के प्रति एक नया दृष्टिकोण मिलता है। हिमा ईरानी सिनेमा की काफी बड़ी प्रशंसक हैं। उनका कहना है कि ‘ईरानी सिनेमा’ में उच्चकोटि की कला का नायाब प्रदर्शन देखने को मिलता है।
    हिमा ने वर्ष 2012 में मशहूर फिल्म ‘मद्रास कैफे’ में अभिनय कर अपनी सिनेमा पारी शुरू की । उन्होने क्राईम पेट्रोल, शैतान, अदालत जैसे कई टेलीविजन सीरियल किये हैं। जातला सिद्धार्थ की फिल्म ‘लव एण्ड शुक्ला’ में हिमा ने कमाल की भूमिका निभाई। सुमोन मुखोपाध्याय निर्देशित थियेटर ‘बगिया बांछाराम’ में हिमा ने रघुवीर यादव के साथ बेहतरीन अभिनय किया। उनकी फिल्म लव एण्ड शुक्ला को ब्यूसेन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शामिल किया जा चुका है। इसके साथ ही टेल्लिन ब्लैक नाइट फिल्म फेस्टिवल इस्टोनिया, पाम स्प्रिंग्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल कैलीफोर्निया समेत दुनिया के कई बड़े फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म का प्रदर्शन हुआ है।
    हिमा की एक और शॉर्ट फिल्म ‘बाबूस दिल्लेमा’ सिंगापुर, न्यूयॉर्क, शिकागो में सराही गई। इनकी शॉर्ट फिल्म ‘वन फाइन नाइट’ को यूटयूब पर अब तक 7 करोड़ लोग देख चुके हैं।

हिमा के पिताजी सुशील कुमार सिंह और मां मृदुला सिंह जो स्वयं भी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में कार्यरत हैं ने हिमा को हमेशा प्रोत्साहित किया। हिमा कई मशहूर कम्पनीज की एड फिल्मों में लगातार वॉइस ओवर देती आ रही हैं। उनका कहना है कि थियेटर में कलाकार को सोने की तरह निखारा जाता है। कलाकार की नींव थियेटर करने से ही मजबूत होती है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: