झाँसी के लिए सभी धर्मों के गुरु आगे आये

झाँसी । झाँसी के ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन में पुनः झाँसी का नाम जोड़ें जाने के लिए अब सभी धर्मों के गुरु भी आगे आ गए हैं। आज सर्वधर्म सद्भाव समिति के संयोजन में सभी धर्मगुरुओं ने रेल मंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन मंडल रेल प्रबंधक को सौंपा।
झाँसी रेलवे स्टेशन से झाँसी नाम हटाये जाने से झाँसी के जन-जन में रोष है। सभी चाहते हैं कि स्टेशन में झाँसी नाम जोड़ा जाना चाहिए। इसी को लेकर सभी धर्मों के गुरु भी एक मंच पर आ गए हैं।
सर्वधर्म सद्भाव समिति के संयोजन में आज मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय रेलमंत्री से अपील की गई कि स्टेशन का नाम संशोधित कर झाँसी रानी लक्ष्मीबाई जंक्शन किया जाए। ताकि यहाँ की ऐतिहासिकता कायम रहे।
इस मौके पर बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र के विशप स्वामी परनपुलिल ने कहाकि पूरी दुनिया में झाँसी का नाम विख्यात है इसलिए स्टेशन में झाँसी शब्द जरूर जोड़ा जाना चाहिए। सिख समाज के गुरु ज्ञानी महेन्दर सिंह ने कहाकि रानी लक्ष्मीबाई और झाँसी यहां की पहचान है इसलिये स्टेशन में झाँसी नाम बेहद जरूरी है।
धर्माचार्य लल्लन महाराज ने कहाकि झाँसी के बिना रानी अधूरी हैं। मुस्लिम धर्म के प्रतिनिधि अता उल्ला खान ने कहा कि झाँसी साम्प्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल है, स्टेशन में झाँसी नाम जोड़े जाने के लिए वे सरकार से अपील करते हैं।
जैन समाज से प्रवीण कुमार जैन ने कहाकि झाँसी शब्द इतिहास सँजोये हुए है उसे स्टेशन से अलग करना उचित नही है। वरिष्ठ समाजसेवी एवं शिक्षाविद डॉ. नीति शास्त्री ने कहाकि झाँसी और रानी एक दूसरे के पूरक हैं। मणिकर्णिका झाँसी आकर रानीलक्ष्मी बाई बनी ऐसे में झाँसी के नाम के बिना स्टेशन अधूरा है।
सर्वधर्म सद्भाव समिति के अध्यक्ष डॉ. धन्नूलाल गौतम ने कहाकि झाँसी हमारी आन,बान और शान है इसलिए झाँसी नाम आवश्यक है।
समाजसेवी एवं वरिष्ठ व्यापारी नेता राजीव राय ने सरकार से आग्रह किया कि सरकार जनभावनाओं का ख्याल रखे। पूरी दुनिया में झाँसी और रानी को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है इसलिए स्टेशन के नए नाम को संशोधित कर उसमें झाँसी जोड़ा जाना चाहिए ।
ब्रदर नरेना ने भी स्टेशन में झाँसी नाम जोड़े जाने का सरकार से आग्रह किया।

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